डाइविंग : ओलंपिक में गोताखोरी का खेल

 परिचय :


डाइविंग का अर्थ है गोताखोरी। यह एक रोमांचक और मजेदार खेल है। इस खेल में खिलाड़ियों को अलग-अलग ऊंचाईयों से, कलाबाजी करते हुए पानी में कूदना होता है। तो आज हम गोताखोरी के बारे में जानेंगे, साथ ही इसके प्रसिद्ध इतिहास, नियम और रोमांचक खेलों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। अपनी विशेषताओं के कारण डाइविंग ने दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

Two players are diving in the Olympic Games.
Diving


इतिहास :


इंसान प्राचीन काल से ही गोताखोरी करता आ रहा है, जब शुरुआत में मनुष्य पहली बार पानी में कूदा था। तब से लेकर अब तक डाइविंग समय के साथ विकसित होता रहा है, और आज यह विकसित होकर एक खेल बन गया है। 20वीं सदी की शुरुआत में, प्रतिस्पर्धी गोताखोरी ने लोकप्रियता हासिल की, जिसके कारण डाइविंग को सन् 1904 में ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया।


नियम :


सुरक्षा, ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखने के लिए, गोताखोरी के नियम और कानून बनाए गए हैं। खिलाड़ियों को इस खेल में अलग-अलग ऊंचाइयों से कलाबाज़ी करते हुए पानी में कूदना पड़ता है। निर्णायक हर बार कलाबाज़ी और गोते (डाइव) का मूल्यांकन करते हैं, उसकी कठिनाई, कला और शैली के आधार पर अंक प्रदान करते हैं। आखिर में सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाला गोताखोर जीत जाता है।


स्पोर्ट्स :


डाइविंग में विभिन्न प्रकार के खेल होते हैं जैसे स्प्रिंगबोर्ड डाइविंग (Springboard diving) और प्लेटफ़ॉर्म डाइविंग (platform diving) आदि। स्प्रिंगबोर्ड डाइविंग में खिलाड़ी एक लचीले बोर्ड से उछलकर, कलाबाज़ी करते हुए पानी में कूदते हैं। साथ ही प्लेटफ़ॉर्म डाइविंग में खिलाड़ी को ऊंचे प्लेटफ़ॉर्म से कलाबाज़ी करते हुए पानी में कूदना होता है। इसके अलावा सिंक्रोनाइज्ड डाइविंग (Synchronized diving) में दो गोताखोर एक साथ प्रदर्शन करते हैं। खेल साहस, फुर्ती और अनुशासन के साथ खेला जाता है।


निष्कर्ष :


डाइविंग एक रोमांचक और मजेदार खेल है। जिसके कारण यह एथलीटों और दर्शकों दोनों को पसंद आता है। गोताखोरी का खेल समय के साथ विकसित होता रहा है, और समय के साथ इसकी लोकप्रियता भी बढ़ रही है। आज डाइविंग के खेल को कई प्रकार से खेला जाता है। खेल को सही तरीके से खेलने के लिए इसके नियम बनाए गए हैं, ताकि खेल को ईमानदारी और अनुशासन से खेला जा सकें।


Trampoline

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