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(1) भूमिका :
बैडमिंटन मेरा पसंदीदा खेल है। क्योंकि इसे खेलने से मैं पूरा दिन सक्रिय रहता हूं। बैडमिंटन खेलने के लिए, इसमें गति, ताकत और सटीकता की आवश्यकता होती है। एक अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए अभ्यास करने की आवश्यकता होती है। जब मैं अपने दोस्तों के साथ बैडमिंटन खेलता हूं, तो मैं पूरे दिन ऊर्जावान महसूस करता हूं। बैडमिंटन खेलना, मेरे शरीर और दिमाग को फायदा पहुंचाने में मदद करता है। बैडमिंटन एक दिलचस्प खेल है। खेल के अंत में एक विजेता होता है, यह खेल को और अधिक रोमांचक बनाता है।
बैडमिंटन खेलने के बाद मेरा शरीर तंदुरुस्त हो जाता है, और मैं एकाग्रता से पढ़ाई कर पाता हूं। मैं तो कहता हूं कि सभी लोगों को यह खेल खेलना चाहिए, क्योंकि इसमें स्वास्थ्य के साथ साथ दिमाग भी तंदुरुस्त रहता है।बैडमिंटन मेरा सबसे प्रिय खेल है, क्योंकि यह मैं अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ खेल सकता हूं। और इसे खेलने से किसी प्रकार की चोट लगने का भी खतरा नहीं रहता है। बैडमिंटन खेलने के लिए इसका सामान शहरों और गांवों में भी मिल जाता है।
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| बैडमिंटन | Badminton in hindi |
बैडमिंटन में सबसे ज्यादा अंक बनाने वाले प्रतिभागी की जीत होती है। इस गेम के नियम बहुत सरल है, इसलिए इस गेम को सभी लोग खेलना पसंद करते हैं। हमारे देश में प्रतिवर्ष पेशेवर खिलाड़ियों के खेलने के लिए खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। जो कि अलग -अलग स्तर पर किया जाता है, जैसे कि विद्यालय, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर इसका आयोजन किया जाता है।
(2) लोकप्रिय खेलों में से एक :
बैडमिंटन एक घर के बाहर खेला जाने वाला (आउटडोर) खेल है। जिसे खेलने में बहुत ही मज़ा आता है। और यह खेल बच्चों के लोकप्रिय खेलों में से एक है। खेल को एक कोर्ट (खेल का मैदान) में खेला जाता है। जिसकी लम्बाई और चौड़ाई, उसमें खेलने वाले खिलाडियों की संख्या पर निर्भर करता है। जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे। बैडमिंटन खेल में कुल 21 अंक होते हैं। और प्रत्येक खिलाड़ी का लक्ष्य अधिक से अधिक अंक प्राप्त करना होता है।
बैडमिंटन में जीतने वाले खिलाड़ी या टीम को मेडल दिया जाता है, और साथ ही सम्मान की नजरों से देखा जाता है। आजकल बैडमिंटन खेल हमारे भारत देश में बहुत ही लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि इस खेल को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति प्राप्त होने लगी है।
(3) बैडमिंटन का इतिहास :
बैडमिंटन खेल का नाम ग्लूस्टरशायर स्थित ब्यूफोर्ट के ड्यूक के स्वामित्ववाले बैडमिंटन हाउस के नाम पर पड़ा है। इस खेल की सर्वप्रथम शुरूआत सन् 1870 में हुई थी। इस खेल को सेना के अधिकारी इंग्लैंड में खेला करते थे। और जब वे भारत आए तब भारत में भी इस खेल को खेलने के कारण यह भारत में भी लोकप्रिय हो गया। इस खेल के नियम बनाने के लिए सन् 1893 में बैडमिंटन एसोसिएशन की स्थापना की गई थी।
(4) बैडमिंटन के नियम :
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| बैडमिंटन | Badminton in hindi |
बैडमिंटन खेलने के लिए मैदान की लंबाई 44 फीट और चौड़ाई 20 फीट होती है। इस मैदान को दो बराबर भागों में बांटने के लिए बीच में एक नेट (जाली) लगाई जाती है। यह नेट दोनों छोर के धरातल से 5 फीट 1 इंच ऊंचा बांधा जाता है। नेट के मध्य से 1.98 मीटर की दूरी पर एक सफेद रंग की सर्विस लाइन होती है। जहां से खिलाड़ी इस खेल को प्रारंभ करता है। इस खेल को चारदीवारी के अंदर भी खेला जाता है। इस खेल को पहले कौन सी टीम खेलना शुरू करेगी इसके लिए सभी गेमों की तरह सिक्का उछालकर टॉस किया जाता है।
बैडमिंटन खेल को जीतने के लिए इसमें 21 अंक निर्धारित किए जाते हैं। जो भी टीम सबसे पहले ज्यादा अंक बना लेती है, वही टीम जीत जाती है। दोनों टीम नियम के अनुसार बैडमिंटन खेल रही है, इसके लिए नेट के पास एक अंपायर को बिठाया जाता है। जो कि दोनों टीमों के अंकों की गणना करता है। और साथ ही खेल के नियम तोड़ने पर पेनल्टी भी देता है।
बैडमिंटन को खेलने के लिए कम से कम दो प्रतिभागी और अधिकतम चार प्रतिभागी हो सकते है। इस खेल को खेलने के लिए दो रैकेट (बल्ले) और एक शटलकॉक (फुद्दी) की आवश्यकता होती है। रैकेट हल्के लोहे की धातु से बना होता है। जिसकी लंबाई 680 मिलीमीटर और चौड़ाई 230 मिलीमीटर होती है। और इसका वजन 70 से 80 ग्राम होता है।
(5) बैडमिंटन के उपकरण :
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| बैडमिंटन | Badminton in hindi |
बैडमिंटन रैकेट और शटल से खेले जाने वाला खेल है। और स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है। रैकेट हल्की धातु से बना होता है। और शटल को चिड़िया के पंखो का प्रक्षेप्य माना जाता है। यह बहुत हल्की होती है। इसे खेलने के लिए कॉर्ट (मैदान) के बीच में नैट (जाली) लगाया जाता है। जो कॉर्ट को दो हिस्सों में विभाजित करता है। बैडमिंटन में प्रत्येक टीम में एक व्यक्ति या फिर दोनों टीम में दो- दो व्यक्ति होते हैं। एक टीम को अंक तब मिलता है, जब वह रैकेट से वार करके शटल को दुसरी टीम के पाले में जमीन पर गिरा दे। बैडमिंटन के खेल पर नियंत्रण विश्व बैडमिंटन संघ द्वारा किया जाता है।
शटलकॉक की बात करें तो यह शंकुनुमा वस्तु होती है। जिसमें चिड़िया की तरह कॉक के नीचे के भाग में पंख लगे होते हैं। इसके पंखों को कलहंस के पंखों से या फिर नायलॉन से बनाया जाता है। इसमें कुल 16 पंख होते हैं। इसका वजन 4 से 5 ग्राम के बीच में होता है।
(6) भारत में बैडमिंटन का स्थान :
भारत में बैडमिंटन खेल को "फुद्दी बल्ले" के नाम से जाना जाता है। बैडमिंटन खेल कि भारत में लोकप्रियता इतनी है, कि क्रिकेट के बाद दूसरे नंबर पर इसी खेल को खेला और पसंद किया जाता है। मुझे यह खेल इसलिए पसंद है क्योंकि इसके नियम भी आसान है, और खेल को सीखना भी बहुत आसान है। साथ ही इसे सभी वर्ग के लोग खेल सकते है। विद्यालय में भी यह गेम खेलना सिखाया जाता है।
प्रकाश पादुकोण और पुलेला गोपीचंद ने ऑल ओपन इंग्लैंड प्रतियोगिता को जीता है, और साथ ही 1980 से लेकर 2001 मैं भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल को खेला है। वर्ष 2015 में पूरे विश्व में इंडियन वूमेन सिंगल प्लेयर में साइना नेहवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके साथ ही 2012 में ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया था। और 2016 के समर ओलंपिक में पी.वी संधू ने सिल्वर मेडल जीता है।
भारत में बैडमिंटन समय के साथ बहुत ही लोकप्रिय हो रहा है। और भविष्य में यह क्रिकेट से भी ज्यादा लोकप्रिय हो जाएगा।
बच्चों को बैडमिंटन का खेल बहुत ही पसंद है, और अक्सर उन्हें गलियों में यह खेल खेलते हुए पाया जाता है। स्कूलों में भी बैडमिंटन की प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। बैडमिंटन के खेल से हमें स्फूर्ति और तंदुरुस्ती मिलती है। बैडमिंटन बहुत से बच्चों का पसंदीदा खेल है।
(7) बैडमिंटन कैसे और किसके साथ खेलते हैं?
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| बैडमिंटन | Badminton in hindi |
बैडमिंटन के अंतरराष्ट्रीय मैच स्टेडियम में खेले जाते हैं। इस खेल को चारदीवारी के अंदर इसलिए खेला जाता है, क्योंकि जिस शटलकॉक से यह गेम खेला जाता है। वह बहुत हल्की होती है, और हवा की गति उसे प्रभावित कर सकती है। पेशेवर खिलाड़ी हमेशा इसे चारदीवारी के अंदर ही खेलते है। हम तो इस खेल को कहीं पर भी खेल लेते है।
प्लेयर कोई भी व्यक्ति जो बैडमिंटन खेल रहा है।
मैच - खेल के 2 में से 2 या 5 गेमों में से 3 पर दो विरोधी पक्षों के बीच खेल उचित है।
सिंगल मैच - एक मैच जहां प्रत्येक विरोधी पक्ष पर केवल एक खिलाड़ी होता है।
डबल्स मैच - एक मैच जहां दो विरोधी पक्ष पर दो खिलाड़ी होते हैं।
पक्ष की सेवा - पक्ष को सेवा करने का अधिकार है।
रैली ( Serve ) - सेवा के साथ शुरू होने वाले एक या अधिक स्ट्रोक का अनुक्रम, जब तक कि शटल खेल में नहीं रह जाती।
टेनिस रैकेट - दोनों खिलाड़ी अपने - अपने रैकेट से शटलकॉक को दूसरे खिलाड़ी के स्थान में फेंकते हैं।
शटलकॉक- एक गोलाकार अंत के साथ एक छोटी सी वस्तु जिसमें वास्तविक या कृत्रिम पंख तय किए जाते हैं और बैडमिंटन के खेल में नेट पर मारा जाता है।
(8) बैडमिंटन खेलने के लाभ :
• बैडमिंटन खेलने से शरीर चुस्त तंदुरुस्त रहता है।
• इस खेल को खेलने से हमारे पूरे शरीर का विकास पूर्ण रूप से होता है।
• बैडमिंटन खेलने से हमारी सोचने समझने की गति बढ़ती है।
• इस खेल को खेलने से मोटापा भी दूर होता है।
• इस खेल को खेलने से शरीर में रक्त स्त्राव सुचारु रुप से होता है।
• बैडमिंटन खेलने से मुख्यतः दिल संबंधी बीमारियां नहीं होती है।
• इस खेल को खेलने से हमारे शरीर के पैरों और हाथों की मांसपेशियां मजबूत होती है।
• इस खेल को खेलने से एकाग्रता बढ़ती है। जिससे हमें पढ़ाई करने में या फिर किसी अन्य कार्य को करने में अधिक समय नहीं लगता है।
• बैडमिंटन खेलने से हमारा मस्तिष्क शांत रहता है, और हम खुश रहते हैं।
• इस खेल को खेलने से हमारे शरीर में किसी भी प्रकार के विकार उत्पन्न होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
(9) निष्कर्ष :
बैडमिंटन एक बहुत ही अच्छा खेल है। जिसे होश और जोश दोनों के द्वारा खेला जाना चाहिए। बैडमिंटन महिलाओं के द्वारा भी खेला जाता है। बैडमिंटन के उपकरण महंगे नहीं है। और सभी इन्हें खरीद सकते हैं। बच्चों को बैडमिंटन खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और अपने देश का मान सम्मान बढ़ाना चाहिए।
आजकल बैडमिंटन खेल को भी क्रिकेट की तरह ही गलियों और मोहल्लों में खेलते बच्चे मिल जाते है। इस गेम का भारत में लोकप्रिय होने का एक दूसरा कारण यह भी है, कि भारत में जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ती जा रही है। वैसे- वैसे शहरों में जगह की कमी होती जा रही है। इसलिए क्रिकेट खेलने के लिए बहुत अधिक जगह की जरूरत पड़ती है। लेकिन बैडमिंटन थोड़ी सी जगह में भी खेला जा सकता है।
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