बास्केटबॉल | Basketball in hindi

परिचय :


सभी आउटडोर खेलों में, बास्केटबॉल खेलना मुझे ज्यादा पसंद है। बास्केटबॉल एक बहुत ही लोकप्रिय खेल है। जिसे पुरे विश्व में खेला जाता है। इस खेल को नियमित खेलने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। खेल के दौरान खिलाड़ी को भागना और छलांग (कूदना) लगाना होता है।

A group of women playing basketball.
बास्केटबॉल | Basketball in hindi

इस खेल को खेलने के लिए बास्केटबॉल कोर्ट बने होते हैं। यह खेल दो टीमों के बीच खेला जाता है। और हर टीम में 5-5 खिलाड़ी होते हैं। इस खेल में दो गोल रिंग बने होते हैं। जो कोर्ट के दोनों किनारों पर 10 feet की ऊंचाई पर बने होते हैं। इस गोल रिंग में सामने वाली टीम गेंद डालने की कोशिश करती है। जिसे शूटिंग कहते हैं। साथ ही पहली टीम भी सामने वाली टीम के रिंग में, बॉल डाल कर अंक बनाती है। जो टीम सबसे ज्यादा अंक बनाती है, वह टीम जीत जाती है।

बॉस्केटबॉल का इतिहास :


बॉस्केटबॉल खेल का अविष्कार कनाडा के "डॉक्टर जेम्स नैस्मिथ" (Dr. James Naismith) ने सन् 1891 में किया था। उन्हें पूरे संसार में "बॉस्केटबॉल के पिता" के नाम से जाना जाता है। जब इस खेल को खेलना शुरू किया गया था। तब इसे "Duck-on-a-Rock" का नाम दिया गया था। बॉस्केटबॉल का पहला मैच 20 जनवरी 1892 में खेला गया था। तब डॉक्टर नैस्मिथ के विधार्थीयों ने इसका नाम बॉस्केटबॉल सुझाया, धीरे - धीरे यह खेल इसी नाम से प्रचलित हो गया।

सन् 1893 में "Young Mens Christian Association" (YMCA) ने इसका विस्तार विश्व के अन्य देशों में किया। सन् 1896 में अमेरिका में पहली बार बॉस्केटबॉल के इन्टर कॉलेज मैच खेले गये थे। शुरूआत में यह खेल टोकरियों में खेला जाता था। सन् 1906 में टोकरियां हटाई गयी और नये आकार के बॉस्केट को जमीन से 10 फीट ऊंचे पोल पर स्थापित किया गया था।

सन् 1932 में "Federation of International Basketball Association" (FIBA) की स्थापना हुई। सन् 1936 के बर्लिन ओलंपिक गेम्स में पहली बार बॉस्केटबॉल को अधिकारिक खेल के रूप में शामिल किया गया था। भारत में बॉस्केटबॉल खेल की शुरूआत सन् 1930 में हुई थी। जबकि सन् 1934 में पहली बार पुरूषों की राष्ट्रीय बॉस्केटबॉल चैम्पियनशिप का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था। आगे चलकर सन् 1950 में भारतीय राष्ट्रीय बॉस्केटबॉल फैडरेशन का गठन किया गया। अन्य खेलों की तरह यह खेल भी भारतीय सेना में बड़े जोश और उत्साह से खेला जाता है।

बास्केटबॉल खेल के नियम :


A basketball going into a net.
बास्केटबॉल | Basketball in hindi

• बास्केटबॉल के खेल में अंक हासिल करने के तीन स्पष्ट तरीके होते हैं, जो निम्नलिखित है-

1.यदि तीन-अंक रेखा के बाहर से एक शॉट सफलतापूर्वक बनाया जाता है, तो तीन अंक दिए जाते हैं।

2. यदि तीन-अंक रेखा के अंदर से एक शॉट सफलतापूर्वक बनाया जाता है, तो दो अंक दिए जाते हैं।

3.यदि किसी टीम को तकनीकी फ़ाउल दिया जाता है, तो दूसरी टीम को एक या तीन फ्री शॉट दिए जाते हैं। और हर शॉट के लिए एक अंक दिया जाता है।

• एक बास्केटबॉल टीम में अधिकतम पांच खिलाड़ी हो सकते हैं।

• खिलाड़ी को किसी भी समय पर बदला जा सकता है, और कितनी भी बार बदला जा सकता है।

• खिलाड़ी गेंद को ड्रिब्लिंग या पासिंग के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा सकता है।

• हर खिलाड़ी गेंद को केवल एक हाथ से ड्रिबल कर सकता है। यदि कोई खिलाड़ी ड्रिबल करते समय गेंद को दोनों हाथों से छू लेता है। तो उस खिलाड़ी को उसी जगह पर खड़ा रहना पड़ता है। इस स्थिति में वह खिलाड़ी शॉट लगा सकता है या दूसरे खिलाड़ी को गेंद दे सकता है।

• कोई भी टीम गेंद के साथ अपने पाले में ज्यादा से ज्यादा 10 सेकेंड तक रुक सकती है। यदि वह टीम गेंद के साथ 10 सेकेंड के अंदर-अंदर दूसरी टीम के पाले में नहीं गयी, तो यह एक फाउल माना जाता है।

• हर टीम के पास गेंद को शूट करने के लिए 24 सेकेंड का समय होता है

• प्रत्येक शूट के बाद या गेंद दूसरी टीम के खिलाड़ी के पास जाने के बाद, 24 सेकेंड का समय दोबारा से शुरू किया जाता है।

• यदि किसी टीम द्वारा गेंद को बास्केट में डाल दिया जाता है। तो दोबारा खेल शुरू करने के लिए गेंद को दूसरी टीम के खिलाड़ियों को दे दिया जाता है।

• यदि कोई टीम बहुत फाउल करती है, तो रेफरी के द्वारा दूसरी टीम को फ्री थ्रो भी दिया जाता है।

•जहां तकनीकी गड़बड़ी हुई है, उसके आधार पर, अंपायर खिलाड़ी को प्राप्त होने वाले कई फ्री थ्रो प्रदान कर सकता है।

• यदि किसी खिलाड़ी के द्वारा डबल ड्रिबलिंग या किसी भी तरह का कोई उल्लंघन किया जाता है। तो रेफरी के द्वारा फाउल दिया जाता है।

• बास्केटबॉल की प्रतिस्पर्धी खेल के दौरान दो रेफरी होते हैं, एक स्कोरकीपर, टाइमकीपर और एक शॉट क्लॉक ऑपरेटर होता है।

बास्केटबॉल खेल के लाभ :


A group of people playing basketball.
बास्केटबॉल | Basketball in hindi

(1) बास्केटबॉल खेलने से हृदय से संबंधित रोग नहीं होते हैं। मतलब यह खेल हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

(2) बास्केटबॉल खेलने से हड्डियां मजबूत होती हैं।

(3) बास्केटबॉल खेलने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

(4) बास्केटबॉल खेल मानसिक विकास को बढ़ाता है।

(5) बास्केटबॉल खेलने से शारीरिक और मानसिक कुशलता विकसित होती है।

(6) बास्केटबॉल खेलने से अनुशासन और एकाग्रता बढ़ती है।

(7) बास्केटबॉल खेलने से आंतरिक जागरुकता बढ़ती है। 

(8) बास्केटबॉल खेलने से आत्मविश्वास बढ़ता है।

(9) बास्केटबॉल खेलने से मोटापा नहीं होता है। और ऊंचा कूदने की क्षमता बढ़ती है।

(10) बास्केटबॉल खेलने से शारीरिक फुर्तीला और दिमाग तेज होता है।

बास्केटबॉल खेल के तथ्य :


(1) बास्केटबॉल खेल का आविष्कार 15 जनवरी 1891 को डॉक्टर जेम्स नैस्मिथ (Dr. James Naismith) के द्वारा किया गया था।

(2) बास्केटबॉल खेल के आविष्कार के लिए डॉक्टर जेम्स नैस्मिथ (Dr. James Naismith) को सन् 1956 में Basketball hall of fame के नाम से सम्मानित किया गया था।

(3) बास्केटबॉल खेल के सबसे पहले कौच डॉ. जेम्स नैस्मिथ थे। उन्होंने सन् 1898 में कौच की भूमिका निभानी शुरू की थी।

(4) डॉ. जेम्स नैस्मिथ, University of Kansas (केन्सास विश्वविद्यालय) की टीम के कौच थे। और इस टीम ने 55 बास्केटबॉल मैच जीते थें।

(5) बास्केटबॉल का खेल सन् 1929 तक soccer ball (फुटबॉल) से खेला जाता था।

(6) जब शुरूआत में बास्केटबॉल खेला जाता था, तब इसकी गेंद का रंग भूरा होता था।

(7) सन् 1976 में महिला बास्केटबॉल टीम को ओलंपिक में शामिल किया गया था।

(8) बास्केटबॉल खेल का पहला मैच 21 दिसंबर 1891 को खेला गया था।

(9) बास्केटबॉल खेल के सबसे प्रसिद्ध खिलाड़ी Michael Jordan (माइकल जॉर्डन) रहे हैं।

(10) बास्केटबॉल के सबसे ज्यादा मैच "Robert parish" (रॉबर्ट पैरिश) ने खेले हैं। उन्होंने 1611 मैच खेले हैं।



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